कोरोना के खिलाफ लड़ाई में भारत की मदद के लिए 40 से अधिक देशों ने बढ़ाए हाथ

देशों के अलावा दुनिया की दिग्गज कंपनियां भी इस संकट में भारत के मदद के लिए आगे आ रही हैं.

कोरोना महामारी संकट का सामना कर रहे भारत की मदद के लिए दुनिया के कई देशों और दिग्गज कंपनियों ने हाथ बढ़ाया है। अमेरिका, ब्रिटेन, सिंगापुर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, ऑस्ट्रेलिया और चीन समेत दुनिया के करीब 40 देश भारत की मदद के लिए आगे आए हैं। इनमें से कई देशों ने मेडिकल सप्‍लाई भेजी हैं। सिंगापुर से ऑक्‍सीजन कंटेनर समेत मेडिकल उपकरण बीते दिन भारत पहुंच चुके हैं। गुरुवार को विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला (Harsh Shringla) ने इसका विवरण दिया।

विदेश सचिव ने एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि अमेरिका से अगले कुछ दिनों में तीन विशेष उड़ानें यहां आने की उम्मीद है। राष्ट्रपति जो बाइडेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की और सहायता की पेशकश की है। आज रात संयुक्त अरब अमीरात से वेंटिलेटर और फैविपिराविर दवाओं की खेप आने वाली है। उन्होंने कहा कि 40 से अधिक देशों न केवल विकसित बल्कि हमारे पड़ोसी देश मॉरिशस, बांग्लादेश और भूटान की ओर से भी सहायता की पेशकश की गई है।

श्रृंगला ने कहा कि हमने मदद दी, हमें मदद मिल रही है। इस वक्त जनता की जरूरतों को पूरा करने के लिए हम हरसंभव कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि आयरलैंड से 700 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के साथ एक उड़ान आ रही है। शनिवार को फ्रांस से मेडिकल सप्लाई की एक खेप आने वाली है। विदेश सचिव ने बताया कि हम मिस्र में रेमडेसिविर के निर्माण के लिए संपर्क में हैं ताकि हम वहां से इसे मंगवा सकें।

बता दें कि दुनिया की दिग्गज कंपनियां भी इस संकट में भारत के मदद के लिए आगे आ रही हैं। माइक्रोसॉफ्ट के CEO सत्य नडेला और गूगल के CEO सुंदर पिचाई ने भी इस कोरोना संकट में भारत की मदद की बात कही है। अमेरिकी टेक कंपनी गूगल ने भारत को कोरोना से लड़ने के लिए 135 करोड़ रुपये का फंड देने का ऐलान किया है। गूगल ने कहा है कि ये फंड GiveIndia और UNICEF को दिए जाएंगे जो भारत में मेडिकल स्पलाई और उन फैमिली की हेल्प के लिए होंगे जो कोरोना वायरस से प्रभावित हैं।

इसके अलावा माइक्रोसॉफ्ट के CEO सत्य नडेला ने भी भारत में ऑक्सीजन कंसंट्रेशन डिवाइस को खरीदने में मदद करने की बात कही है। उन्होंने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी है। भारत कोरोनो वायरस संक्रमण की दूसरी लहर से जूझ रहा है। देश के कई राज्यों के अस्पताल मेडिकल ऑक्सीजन और बेड की कमी से जूझ रहे हैं। इस बीच सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। उन्होंने कोविड प्रबंधन में मदद के लिए सेना द्वारा की जा रही विभिन्न पहलों पर चर्चा की।

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